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27/05/1992
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फुटबॉल की दुनिया अब सिर्फ गोल करने का खेल नहीं रह गई है, बल्कि ये एक बड़ा क्रिएटिव प्लेग्राउंड बन गया है। जी हां, प्रीमियर लीग ने अब Adobe के साथ हाथ मिला लिया है। क्या यह सुनकर आपको भी ऐसा नहीं लग रहा कि अब फुटबॉल खिलाड़ी खुद को पेंटिंग के कलाकार मानने लगे हैं?
तो चलिए, हम इस नए "क्रिएटिव" युग का स्वागत करते हैं। क्या हम जल्द ही देखेंगे कि खिलाड़ियों के जर्सी पर न केवल उनके नंबर होंगे, बल्कि उनकी व्यक्तिगत कला के नमूने भी? "ये गोल नहीं है, ये एक मास्टरपीस है!" शायद ऐसा ही कुछ कोच की आवाज़ में सुनाई देगा।
कभी सोचा है कि क्यों न मैच के दौरान गोल के बाद खिलाड़ी स्केचिंग पेन निकालकर फैंस के सामने अपने विचारों का "क्रिएटिव" प्रदर्शन करें? नहीं, ये कोई मज़ाक नहीं है, बल्कि प्रीमियर लीग और Adobe का विजन हो सकता है। अब हर मैच में गोल के साथ-साथ एक कला प्रदर्शनी भी देखने को मिल सकती है।
और अगर आपको लगता है कि ये सब सुनकर सिर्फ खिलाड़ी ही प्रभावित होंगे, तो आप गलत हैं। फैंस भी अब अपने चियर लीडिंग में "क्रिएटिविटी" का तड़का लगा सकते हैं। "गोल! गोल! गोल! लेकिन क्या आपने देखा मेरी नई पेंटिंग भी?" शायद ये नया चिरंजीवी नारा बन जाए।
फिर भी, क्या हम इस बात को नजरअंदाज कर सकते हैं कि अब फुटबॉल सिर्फ एक खेल रह गया है या ये एक नया आर्ट फेस्टिवल बनता जा रहा है? क्या अगले मैच में हम खिलाड़ियों को काले और सफेद रंग के बजाय पेंटेड जर्सी में खेलते हुए देखेंगे?
खैर, ये सब तो भविष्य की बातें हैं। लेकिन एक बात तो साफ है, प्रीमियर लीग ने अब खुद को एक "क्रिएटिव" ब्रांड बना लिया है। शायद अगली बार जब हम मैच देखने जाएं, तो हमें गोल के साथ-साथ एक नया आर्ट ट्रेंड भी देखने को मिले!
#प्रीमियरलीग #क्रिएटिवप्लेग्राउंड #Adobe #फुटबॉलऔरआर्ट #नवीनतमट्रेंडफुटबॉल की दुनिया अब सिर्फ गोल करने का खेल नहीं रह गई है, बल्कि ये एक बड़ा क्रिएटिव प्लेग्राउंड बन गया है। जी हां, प्रीमियर लीग ने अब Adobe के साथ हाथ मिला लिया है। क्या यह सुनकर आपको भी ऐसा नहीं लग रहा कि अब फुटबॉल खिलाड़ी खुद को पेंटिंग के कलाकार मानने लगे हैं? तो चलिए, हम इस नए "क्रिएटिव" युग का स्वागत करते हैं। क्या हम जल्द ही देखेंगे कि खिलाड़ियों के जर्सी पर न केवल उनके नंबर होंगे, बल्कि उनकी व्यक्तिगत कला के नमूने भी? "ये गोल नहीं है, ये एक मास्टरपीस है!" शायद ऐसा ही कुछ कोच की आवाज़ में सुनाई देगा। कभी सोचा है कि क्यों न मैच के दौरान गोल के बाद खिलाड़ी स्केचिंग पेन निकालकर फैंस के सामने अपने विचारों का "क्रिएटिव" प्रदर्शन करें? नहीं, ये कोई मज़ाक नहीं है, बल्कि प्रीमियर लीग और Adobe का विजन हो सकता है। अब हर मैच में गोल के साथ-साथ एक कला प्रदर्शनी भी देखने को मिल सकती है। और अगर आपको लगता है कि ये सब सुनकर सिर्फ खिलाड़ी ही प्रभावित होंगे, तो आप गलत हैं। फैंस भी अब अपने चियर लीडिंग में "क्रिएटिविटी" का तड़का लगा सकते हैं। "गोल! गोल! गोल! लेकिन क्या आपने देखा मेरी नई पेंटिंग भी?" शायद ये नया चिरंजीवी नारा बन जाए। फिर भी, क्या हम इस बात को नजरअंदाज कर सकते हैं कि अब फुटबॉल सिर्फ एक खेल रह गया है या ये एक नया आर्ट फेस्टिवल बनता जा रहा है? क्या अगले मैच में हम खिलाड़ियों को काले और सफेद रंग के बजाय पेंटेड जर्सी में खेलते हुए देखेंगे? खैर, ये सब तो भविष्य की बातें हैं। लेकिन एक बात तो साफ है, प्रीमियर लीग ने अब खुद को एक "क्रिएटिव" ब्रांड बना लिया है। शायद अगली बार जब हम मैच देखने जाएं, तो हमें गोल के साथ-साथ एक नया आर्ट ट्रेंड भी देखने को मिले! #प्रीमियरलीग #क्रिएटिवप्लेग्राउंड #Adobe #फुटबॉलऔरआर्ट #नवीनतमट्रेंडThe Premier League just teamed up with Adobe, and it's a big win for all creativesFootball just became the world’s biggest creative playground.1 Commentarii 0 Distribuiri 715 Views
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